सौन्दर्य शब्द अपने आप में ही मन को छूने वाला, प्रसन्नता बढ़ाने वाला और जीवन में आंनद भरने वाला है पुराणों में सौन्दर्य की परिभाषा देते हुए कहा गया है " जिसे देखते ही दिल की धड़कन और नाड़ी का स्पंदन रुक जाये वही सौन्दर्य है "
पुरुष का सौन्दर्य जहाँ पौरुषता, कर्मठता और प्रबलता है, वहीं स्त्री का सौन्दर्य सुंदरता, आकर्षणता और कोमलता है जिस लड़की या स्त्री में सुंदरता नहीं होती उसका जीवन अपने आप में अपूर्ण सा रहता है कुछ तो सौन्दर्य ईश्वर की तरफ से जन्मजात मिलता है, परन्तु कुछ प्रयत्न ऐसे भी होते है जिसके द्वारा सौन्दर्य प्राप्त किया जा सकता है इस प्रकार के उदाहरणों से हमारा आयुर्वेद साहित्य भरा हुआ है
आयुर्वेद में भीषक का नाम अत्यंत ही आदर और सम्मान के साथ लिया जाता है उन्होंने अपने जीवन में जो प्रयोग किये वो अपने आप में ही अद्वीतीय और प्रभाव युक्त थे
परन्तु आजकल काफी कम आयु में लोगों को झुर्रियों और काळा धब्बे की समस्या के पीछे हानिकारक सौन्दर्य उत्पादों का हाथ है पर आपके घर और आस-पास के वातावरण में मौजूद प्राकृतिक वस्तुए की मदद से आप दमकती त्वचा आसानी से प्राप्त कर सकते है
हर लड़की को दमकती त्वचा की चाह होती है और उसमे चेहरा मुख्य होता है परन्तु हानिकारक उत्पादों की वजह से आमजन अपने चेहरे को और भी ख़राब कर लेते है पर आयुर्वेदिक नुस्खों से आप पहले जैसा सौन्दर्य वापिस पा सकते है

No posts found.